सपना – 20


आज का सपना:
एक दोस्त से पूछ रहा हूँ; “अच्छा एक बाताओ यह जो मुर्दा शांति से भरे हुए हो..” अभी बात पूरी भी नहीं होती और दोस्त पूछता है, “यह मुर्दा शांति क्या होती है भाई ?” …
“मतलब यह ही की न खीज है, न तड़प, सब सह लेते हो, रोज दफ्तर चले आते हो – शाम घर चले जाते हो; कोई सपना नहीं देखते; कोई सपना आता ही नहीं तुमको; मैंने कभी नहीं देखा तुम्हे रात का तारा दिन में ढूँढ़ते हुए – तुम्हे कभी नहीं लगता की इस मुर्दा शांति के इलाज के लिए तुम्हे कुछ करना चाहिए??”

दोस्त जोर जोर से हँसने लगा – बोला – दोस्त अभी सर्दियाँ चल रही हैं न – सर्दियों में सब जम जाता है… मेरी आँख के जम जाने के कारण मुझे दिखाई नहीं देता – तुम भी एक काम करो थोड़ी गर्मी कम करो अपनी – तुम्हे भी दिखना बंद हो जायेगा – और फिर तुम भी शांत हो जाओगे

बहुत सारे दोस्त हँसने लगते हैं…..

लघु कथा -2


मान लो की कभी किस्मत ने साथ दिया, या मान लो की कभी ईश्वर ने मान ही ली मेरी प्रार्थना और जो घिरा रहता हूँ हमेशा सेल्फ- डाउट मे उससे आज़ाद कर भी दिया तो भी पुख्ता यकीन है मुझे की मैं खुद को इस भवँर से आज़ाद नहीं पाऊंगा.
और ऐसा इसलिए होगा की मुझे लगेगा मैं सपना देख रहा हूँ; क्योंकि अब जो ४० साल में नहीं हुआ और जो होने का ख्वाब रोज देखता हूँ वो हो ही गया तो सपना ही लगेगा
और एक बात तो मैं जनता हूँ की मैं अकेला नहीं हूँ; मेरे जैसे आप भी तो हो
इसलिए
आपको आपका और मुझे मेरा सपना मुबारक; आपको आपका और मुझे मेरा भंवर भी मुबारक

लघु कथा – 3


युगपुरुष ने बिहार चुनाव के समय व्यंग्यात्मक स्वर मे पुछा था, बिजली आईईईई
मुझे भी पूछना है युगपुरुष के भक्तों से
नोटबंदी से क्या कॉर्पोरेट पारदर्शिता आई
आर्थिक पारदर्शिता आई
राजनैतिक पारदर्शिता आईई ई ई ई ..

सपना – 12


सेवा मे ,
युगपुरुष
देल्ही

कृपया मात्र एक वर्ष के लिए अब आप इंदिरा बन जाईये. अपना नारा भी गरीबी हटाओ बना लीजिये. पूंजीपतियों के लिए बहुत किया, अब थोड़ा ठहरिये. चुनाव भी आने वाले हैं.

क्षमाप्रार्थी
जनता

सपना – 11


अच्छा एक आदमी घूमने गया, रस्ते मे गाड़ी पंक्चर हो गयी; पंक्चर का दाम था २०० रूपए.. दाम ज्यादा लगा तो थोड़ी बहस हो गयी.. सभी पंक्चर वालों ने मिलकर उसको बहुत पीटा

कुछ दिन बाद वो फिर घूमने गया; फिर पंक्चर हो गया, एक पंक्चर वाले ने कहा दाम है ५० रूपए.. तभी बाकि सभी पंक्चर वाले आये और आदमी को समझाने लगे; भाईसाहब यह खुद ही रोड पर कील फैंक देता है और फिर कम पैसे मे पंक्चर लगाता है

आदमी नहीं माना तो फिर बाकी सबने मिलकर पंक्चर वाले और आदमी को पीटा

कभी कभी लगता है यह नया पंक्चर वाला “आप” है
बाकी पंक्चर वाले बीजेपी और कांग्रेस – जो लगता है दोस्त हो गए हैं
और वो पिटता आदमी मैं

सपना – 10


आज का सपना
देखता हूँ एक दोस्त “देल्ही के भगोड़े” की गरदन मरोड़ रहा है, जैसे मूली के सर से पत्ते थोड़ कर अलग कर रहा हो; तभी रविश कुमार का प्राइम टाइम शुरू होता है – रोहित वेमुल्ला की माँ फिलिस्तीनी बच्चों की कब्रों पर रो रही है – “नमस्कार मैं रविश…. यह सब चल ही रहा होता है की कहीं से “मनरेगा” के मज़दूर १० लाख तालाब जो उन्होंने खोदे हैं उसका पैसा ना मिलने के कारण जनपथ पर धरना दे रहे हैं .. “dilli का भगोड़ा” उनका नेता है – लेकिन उसको तो मेरे दोस्त ने मार दिया था … शायद उसके १० सर हैं .. यह सोच ही रहा होता हूँ की रावण को मारने के लिए राम आते हैं और कहते हैं – पहले मंदिर बनाओ फिर मारूंगा

बस तभी युगपुरुष अमित शाह से बोलते हैं, एक काम करो बसपा और सपा से नेता भर्ती करो और चुनाव जीतो … “dilli का भगोड़ा” जाने क्यों और क्या पंजाबी मे बोलता है – मेरा दोस्त फिर उसकी गर्दन तोड़ने मे जुट जाता है

सपना – 9


आज का सपना :

एक दोस्त ने कहा है, अपने सपने बनाने की क़ाबलियत पैदा करो… तो सोच रहा हूँ आज सपना देखूँगा नहीं बनाऊंगा,

आज इंडिया मे से भारत निकाल कर भारत दे दूंगा युगपुरुष भक्तों को; फिर “नाथूराम छुट्टी” की घोषणा कर दूंगा “गाँधी जयंती” की तर्ज पर… फिर फटाफट ६७-७० साल कालचक्र घुमाकर भारत को इंडिया जितना जवान कर दूंगा और एक दूसरे के बगल मे बिठाकर फैसला लूंगा

वैसे इंडिया वर्सिस भारत मैच का नतीजा क्या होगा ??? काफी रोमांचक सवाल है !!!