सपना – 2


आज का सपना :
याकूब अपनी कब्र से बाहर निकलत है और कब्रिस्तान से बहार आके ऑटो वाले से कहता है, “शमशान ले चलो, जहाँ कोडनानी (माया) को फांसी के बाद जलाया गया होगा ”
ऑटो वाला इंडियन एक्सप्रेस पढ़ रहा है, कहता है “उनको तो बेल मिल गयी साहब ”

याकूब भी युगपुरुष की तरह जोर से चिल्लाता है भेदभाव नहीं होना चाहिए, “कब्रिस्तान है तो शमशान भी होना चाहिए “

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Author: SachinManan

I think the only way i can express freely is through my writing ... i blog because this helps me reduce my stress...

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